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NEET 2026 Paper Leak: 140 Questions का मिलान, Sikar से Kerala तक साजिश – क्या NTA फिर से हुआ धोखा?

Updated: 5,11,2026

By Akash Maurya

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नई दिल्ली: NEET UG 2026 परीक्षा को हुए अभी छह दिन हुए हैं, लेकिन चर्चा अब कटऑफ या रैंक की नहीं है. चर्चा है – 140 questions के मिलान की. राजस्थान पुलिस की SOG ने एक ऐसे alleged “guess paper” की जांच शुरू कर दी है, जिसके बारे में दावा किया जा रहा है कि इसमें actual NEET 2026 paper के 135 से 140 प्रश्न पहले से मौजूद थे. यदि यह सही निकला, तो यह भारत की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा के इतिहास का सबसे बड़ा विवाद होगा – 2024 वाले विवाद को भी पीछे छोड़ते हुए.

क्या हुआ है? Rajasthan के कोचिंग हब सीकर (Sikar) में exam से पहले एक handwritten question bank circulate हुई। सूत्रों के अनुसार, इसमें 281 से 410 प्रश्न थे. परीक्षा के बाद छात्रों और जांचकर्ताओं ने तुलना की – हैरानी की बात यह थी कि actual NEET paper के करीब 135-140 प्रश्न इसी material से मिल रहे थे। यहाँ तक कि Biology के सभी 90 प्रश्न और Chemistry के सभी 45 प्रश्न match होने का दावा किया जा रहा है. गणितीय रूप से देखें तो प्रत्येक प्रश्न 4 अंक का है – 140 प्रश्न मतलब 560 अंक। यानी जिसके पास यह material था, वह बिना मेहनत के 560 अंक का अनुचित लाभ उठा सकता था.

कोचिंग माफिया या संगठित लीक? सीकर फिर से गरमाया

सीकर पिछले कुछ सालों में कोटिंग के क्षेत्र में कोटा की टक्कर का हब बन गया है। यहाँ हजारों मेडिकल एस्पिरेंट रहते हैं। यहीं से यह कथित guess paper सबसे पहले circulate हुआ – Telegram चैनल्स, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स, और कोचिंग से जुड़े काउंसलर के माध्यम से. कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, इस material को ₹20,000 से लेकर ₹5 लाख तक में बेचा गया. अब SOG PG accommodations, coaching staff और digital footprints की जांच कर रही है. सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ एक “स्मार्ट गेस पेपर” था या फिर संगठित तरीके से परीक्षा से पहले पेपर लीक किया गया था?

Kerala से आया नया मोड़: जांच में एक और चौंकाने वाला कनेक्शन सामने आया है – केरल। आरोप है कि यह material एक MBBS छात्र से जुड़ा है, जो मूल रूप से Rajasthan के चूरू जिले का रहने वाला है, लेकिन केरल के एक मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहा है। कथित तौर पर उसने यह सामग्री सीकर के एक संपर्क को भेजी, और वहाँ से यह कोचिंग नेटवर्क में फैल गई. “केरल से राजस्थान पेपर चेन” – सोशल मीडिया पर यह हैशटैग तेजी से वायरल हो रहा है.

NTA ने क्या कहा? “सुरक्षा में कोई चूक नहीं”

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने आधिकारिक बयान में कहा है कि NEET 2026 “GPS-tracked पेपर ट्रांसपोर्ट, AI-assisted CCTV, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, 5G जैमर और सेंट्रल सर्विलांस” जैसी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत आयोजित किया गया था. एजेंसी का कहना है कि आरोप परीक्षा के चार दिन बाद सामने आए, और उन्हें केंद्रीय एजेंसियों को भेज दिया गया.

लेकिन समस्या यह है कि 2024 के पेपर लीक विवाद के बाद से छात्रों का NTA पर भरोसा बेहद कम हो गया है. तब भी सुप्रीम कोर्ट तक मामला गया था, और परीक्षा संचालन में खामियाँ स्वीकारी गई थीं. इस बार सोशल मीडिया पर मांग और तीखी है – #ReNEET, #NEETPaperLeak, #NTAFail जैसे हैशटैग लगातार ट्रेंड कर रहे हैं.

क्या NEET 2026 रद्द होगा? क्या re-exam संभव?

फिलहाल, कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। NTA का कहना है कि एजेंसियों के निष्कर्ष के बाद ही निर्णय लिया जाएगा। लेकिन छात्र दो ध्रुवों में बँट गए हैं। एक वर्ग मांग कर रहा है कि पूरे देश में पुनः परीक्षा कराई जाए, क्योंकि जिनके पास advantage था, उनका स्कोर सही नहीं है। दूसरा वर्ग कहता है कि जब तक पूरी तरह से लीक साबित नहीं हो जाता, तब तक 22 लाख छात्रों को फिर से परीक्षा देना अन्याय होगा। एक तीसरी राय है – केवल संदिग्ध केंद्रों या उन छात्रों की re-exam कराई जाए जिनके पास यह material पाया गया। लेकिन इसके लिए डेटा-ट्रैकिंग और isolation लगभग असंभव है।

मान लीजिए कि re-exam नहीं होता। तो उन 140 प्रश्नों के मिलान से जिन छात्रों ने बिना लीक के मेहनत की, उनकी रैंक artificial रूप से नीचे चली जाएगी। एक अनुमान के अनुसार, 560 अंक का unfair advantage उन लाखों छात्रों को पीछे धकेल सकता है जिन्होंने ईमानदारी से 12-14 घंटे पढ़ाई की.

यह सिर्फ एक व्यक्तिगत नुकसान नहीं है – यह पूरे merit-based admission system पर आघात है। यदि शीर्ष चिकित्सा कॉलेजों में प्रवेश उन लोगों को मिलेगा जिनके पास प्रश्न पहले से थे, तो अगली पीढ़ी के डॉक्टरों की गुणवत्ता पर सवाल उठेगा.

“गेस पेपर” का बहाना क्यों नहीं चलेगा? आंकड़े बोलते हैं

कोचिंग संस्थान हर साल “गेस पेपर” निकालते हैं, जिसमें पिछले साल के ट्रेंड और पैटर्न के आधार पर संभावित प्रश्न होते हैं। 20-30 प्रश्नों का overlap स्वीकार्य हो सकता है. लेकिन 140 प्रश्नों का मिलान – जो कि कुल प्रश्नों (200) का 70% है – इसे “guesswork” कहना बुद्धिमानी नहीं होगी.

खासकर जब option sequence तक match करने की बात कही जा रही हो। जांचकर्ता handwriting consistency और distribution network की भी पड़ताल कर रहे हैं. अगर यह साबित होता है कि कोई संगठित लीक था, तो यह पिछले साल के Karnataka और अब के Rajasthan-Kerala सिंडिकेट को जोड़ सकता है. 2024 में भी Telegram और WhatsApp के जरिए पेपर circulate होने की बात आई थी। पैटर्न दोहरा रहा है – लेकिन इस बार पैमाना ज्यादा बड़ा है.

सोशल मीडिया पर क्या चल रहा? – गुस्सा, विश्वासघात और थकान

X (पूर्व Twitter) पर NEET controversy को लेकर भारी आक्रोश है। सबसे ज्यादा वायरल उन पोस्टों में हैं जिनमें alleged guess paper और actual paper के side-by-side screenshots दिखाए जा रहे हैं। एक उम्मीदवार ने लिखा – “मैंने दो साल सीकर में रहकर पढ़ाई की, 14 घंटे रोज़.

लेकिन लगता है कि जिसके पास पैसे थे, उसने 5 लाख देकर 600 marks खरीद लिए। सरकारी कॉलेज का सपना अब धुँधला हो गया।” एक अन्य ने कहा – “हर साल नई कहानी, हर साल नया सिंडिकेट. NTA कोई जिम्मेदारी क्यों नहीं लेता?” चिकित्सा संगठनों ने भी चिंता जताई है – IMA (Indian Medical Association) जैसे निकायों के कुछ सदस्यों ने कहा है कि यदि अनुचित साधनों से छात्र MBBS में प्रवेश लेते हैं, तो आने वाले 10-15 वर्षों में स्वास्थ्य सेवा पर प्रभाव पड़ेगा.

भावनात्मक थकान: NEET के अभ्यर्थी पहले से ही मानसिक रूप से थके होते हैं. कई तो ड्रॉप ईयर के बाद यह परीक्षा देते हैं। जब ऐसी खबर आती है, तो यह उनकी थकान को गुस्से में बदल देती है। हैशटैग #RespectHonestAspirants भी ट्रेंड कर रहा है. छात्र अब सिर्फ जांच नहीं, बल्कि सिस्टम में बड़े सुधार की मांग कर रहे हैं – जैसे कि digital पेपर जनरेशन, blockchain-based question distribution, और तत्काल मुकदमा चलाने वाली तंत्र.

अगले कदम क्या होंगे?

Rajasthan SOG की जांच अब तीन मोर्चों पर चल रही है:

  1. डिजिटल ट्रेल: Telegram, Signal, WhatsApp पर उन ग्रुप्स का पता लगाना जहाँ material शेयर किया गया।
  2. वित्तीय लेनदेन: जिन लोगों ने यह मटीरियल खरीदा, उनके बैंक ट्रांजैक्शन की ट्रेसिंग – राशि ₹20,000 से ₹5 लाख तक बताई जा रही है।
  3. भौतिक साक्ष्य: handwritten पेपर की handwriting match करना, और कोचिंग संस्थानों के रिकॉर्ड जब्त करना।

कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि यदि मामला बड़ा हुआ तो CBI जांच के लिए भेजा जा सकता है। फिलहाल, NTA और शिक्षा मंत्रालय की ओर से कोई स्पष्ट निर्देश नहीं आया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि मई के अंत तक इस मामले में कुछ निर्णय लिया जा सकता है.

तब तक, लाखों छात्र और उनके परिवार तनाव में हैं। एक सबक साफ है – देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता पर लगातार हमले हो रहे हैं। यदि जल्द और पारदर्शी कार्रवाई नहीं हुई, तो NEET का भविष्य ही खतरे में पड़ सकता है.

मुख्य जानकारी – NEET 2026 विवाद (एक नजर में)

विवरणजानकारी
आरोपExam से पहले एक handwritten guess paper circulate किया गया, जिसमें actual NEET 2026 के 135-140 प्रश्न थे
भौगोलिक विस्तारSikar (Rajasthan) से शुरू, Kerala के MBBS छात्र से link, देशभर में फैला
मिलान का दावाBiology के सभी 90 प्रश्न, Chemistry के सभी 45 प्रश्न – कुल 135-140 (70% of 200)
कीमत₹20,000 से ₹5,00,000 तक
जांच अभिकर्ताRajasthan SOG (Special Operations Group), CBI की संभावना
NTA का बयानSecurity protocols का पालन हुआ, inputs central agencies को भेजे
सोशल मीडिया मांग#ReNEET, #NEETPaperLeak, #NTA, CBI जांच, सख्त कानून
प्रभाव (अनुमानित)560 अंक का unfair advantage → लाखों ईमानदार छात्रों की रैंक पर direct असर
2024 कनेक्शनNEET 2024 भी leak controversy में था, Supreme Court तक गया मामला
अगला कदम (अपेक्षित)SOG रिपोर्ट के बाद गृह मंत्रालय/NTA का फैसला – re-exam या केवल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई


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Akash Maurya

Akash Maurya is the founder and author of Government CSC. He holds a B.Tech degree in Civil Engineering and has a strong interest in helping aspirants stay informed about government job opportunities. With a clear understanding of the challenges faced by job seekers, he focuses on providing accurate and well-structured information related to recruitment updates, eligibility, and application processes.

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