Latest Jobs
PMAY-G 2026: 3.03 करोड़ घर पूरे होने के साथ ग्रामीण भारत में आवास क्रांति
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (PMAY-G) ने 11 मई 2026 तक 3.03 करोड़ घरों के निर्माण का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है. 2016 में शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक 3.91 करोड़ घर स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि कुल लक्ष्य 4.15 करोड़ घरों का है.
केंद्र सरकार का महत्वाकांक्षी लक्ष्य मार्च 2029 तक 4.95 करोड़ घर बनाने का है. इस योजना की सबसे बड़ी खबर यह है कि 15 मई 2026 को महाराष्ट्र के सतारा में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में 5 लाख पूर्ण हो चुके PMAY-G घरों का गृह प्रवेश कार्यक्रम आयोजित किया.
इस मौके पर महाराष्ट्र के लिए ₹8,368.50 करोड़ की केंद्रीय सहायता (Mother Sanction) और 35 PMGSY-IV सड़क परियोजनाओं की भी घोषणा की गई.
2026 में योजना को और समावेशी बनाया गया है. नई पात्रता के तहत मासिक आय सीमा बढ़ाकर ₹15,000 कर दी गई है, और पहले बहिष्कृत मानी जाने वाली कई श्रेणियों (जैसे दोपहिया वाहन, रेफ्रिजरेटर के मालिक) को भी योजना में शामिल किया गया है.
साथ ही, भू-टैगिंग, आधार फेस ऑथेंटिकेशन और AI-आधारित मॉनिटरिंग से पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. हालांकि, बिहार जैसे राज्यों में 9 लाख से अधिक घर अधूरे पड़े हैं, और कुछ क्षेत्रों में भ्रष्टाचार की शिकायतें भी सामने आ रही हैं.
PMAY-G योजना 1 अप्रैल 2016 से शुरू की गई थी. इसका प्राथमिक उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सभी पात्र परिवारों को बुनियादी सुविधाओं (शौचालय, बिजली, पानी, एलपीजी) के साथ पक्का मकान उपलब्ध कराना है. केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार:
योजना का विस्तार अगले चरण में भी जारी रहेगा. मार्च 2029 तक 4.95 करोड़ घरों का निर्माण लक्ष्य रखा गया है. यानी अगले तीन वर्षों में लगभग 1.8 करोड़ और घर बनाने हैं – प्रतिवर्ष लगभग 60 लाख घरों की दर से. यह दर पिछले वर्षों की तुलना में कुछ तेज है, लेकिन भूमि विवादों और स्थानीय विलंबों के कारण कुछ राज्यों में चुनौतियां बरकरार हैं.
इस वर्ष PMAY-G में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव पात्रता मानदंडों में किए गए हैं:
| पैरामीटर | पुराना मानदंड | नया मानदंड (2026) |
|---|---|---|
| मासिक आय सीमा | ₹10,000 | ₹15,000 |
| बहिष्कृत मानदंड (वस्तुएं) | दोपहिया, रेफ्रिजरेटर, लैंडलाइन फोन, मोटर चालित नाव वाले अयोग्य | अब पात्र (यदि आय ₹15,000/माह से कम हो) |
इस बदलाव का आशय है कि अब कई गरीब परिवार जिनके पास मोटरसाइकिल या रेफ्रिजरेटर है (जो अब आम हो गए हैं), वे भी योजना का लाभ उठा सकेंगे. लेकिन आयकर दाता, सरकारी नौकरी वाले और जिनके पास पक्का मकान है, उन्हें योजना से बाहर रखा गया है.
इसके अलावा, पात्रता में अन्य शर्तें यथावत हैं:
PMAY-G की सबसे बड़ी उपलब्धि पारदर्शी डिजिटल निगरानी है. सभी घरों का भू-टैगिंग (geo-tagging) किया जाता है, जिससे निर्माण की हर स्टेज की ऑनलाइन निगरानी होती है. इसके लिए AwaasSoft पोर्टल और AwaasApp का उपयोग किया जाता है. पैसे का वितरण 100% DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से आधार-लिंक्ड बैंक खातों में किया जाता है.
इससे भी आगे बढ़कर, अब आधार फेस ऑथेंटिकेशन (Aadhaar face authentication) का उपयोग लाभार्थियों की पहचान और धोखाधड़ी रोकने के लिए किया जा रहा है. इस प्रणाली में लाइवनेस डिटेक्शन (जैसे आंख झपकाना) शामिल है, जिससे फर्जी लाभार्थियों को पकड़ा जा सके. AI-आधारित टूल्स का उपयोग प्रगति की वास्तविक समय में निगरानी और विसंगतियों का पता लगाने के लिए किया जा रहा है. ये सभी कदम योजना में धोखाधड़ी को कम करने में सहायक हुए हैं.
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 15 मई 2026 को सतारा के सैनिक स्कूल मैदान में आयोजित एक विशेष समारोह में प्रदेश भर में पूर्ण हुए 5 लाख से अधिक PMAY-G घरों का ई-गृह प्रवेश (virtual Griha Pravesh) किया. इस कार्यक्रम के दौरान, उन्होंने महाराष्ट्र के लिए ₹8,368.50 करोड़ की केंद्रीय सहायता और 35 PMGSY-IV सड़क परियोजनाओं की स्वीकृति की घोषणा की.
महाराष्ट्र में प्रगति:
राज्य में कुल लक्ष्य 43.80 लाख घरों के सापेक्ष 41.42 लाख घर स्वीकृत हुए हैं, और इनमें से 17.92 लाख घर पूर्ण हो चुके हैं. सतारा जिले में कार्यक्रम के आयोजन का उद्देश्य शेष राज्यों के लिए एक प्रेरणा स्रोत तैयार करना था. सरकार ने संकल्प दोहराया कि “कोई गरीब बिना पक्के घर के नहीं रहेगा”.
| राज्य | कुल लक्ष्य (स्वीकृत) | पूर्ण घर | नोट्स |
|---|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | (अपेक्षाकृत उच्चतम) | लगभग 62 लाख (अनुमानित) | सबसे तीव्र प्रगति में से एक |
| मध्य प्रदेश | (उच्च) | लगभग 58 लाख (अनुमानित) | 2026 में शासन ने नई 23k घरों की घोषणा |
| महाराष्ट्र | 41.42 लाख | 17.92 लाख | गृह प्रवेश कार्यक्रम यहाँ हुआ |
| बिहार | 30.67 लाख (2017-2023) | 28.94 लाख (94%) | 9.16 लाख घर अधूरे (SNA खाता विलंब) |
बिहार में चुनौतियां: बिहार में SNA खाता निर्माण में देरी के कारण 9.16 लाख घर अधूरे हैं, और CAG ने लाभार्थी सत्यापन में कमियों तथा धन के कम उपयोग को भी इंगित किया है. इसके विपरीत, छत्तीसगढ़ का दुर्ग जिला 89.5% प्रदर्शन स्कोर के साथ सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग प्राप्त करता है.
Positive Views:
Negative Views:
| पैरामीटर | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) |
| प्रारंभ तिथि | 1 अप्रैल 2016 |
| लक्ष्य (चरण I और II) | 4.15 करोड़ घर |
| दीर्घकालिक लक्ष्य (मार्च 2029) | 4.95 करोड़ घर |
| स्वीकृत घर (11 मई 2026) | 3.91 करोड़ |
| पूर्ण घर (11 मई 2026) | 3.03 करोड़ |
| DBT धनराशि | ₹4,03,886 करोड़ |
| नई मासिक आय सीमा | ₹15,000 |
| नई बहिष्कृत मानदंड | दोपहिया, रेफ्रिजरेटर, लैंडलाइन फोन वाले भी अब पात्र (आय सीमा के अंतर्गत) |
| तकनीकी उपाय | भू-टैगिंग, आधार फेस ऑथेंटिकेशन, AI टूल्स |
| प्राथमिकता समूह | SC, ST, लघु किसान, भूमिहीन, महिला मुखिया, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक |
| महाराष्ट्र गृह प्रवेश तिथि | 15 मई 2026 |
| महाराष्ट्र केंद्रीय सहायता | ₹8,368.50 करोड़ |
| सबसे तीव्र प्रगति | उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ (दुर्ग) |
| सबसे धीमी प्रगति | बिहार (9.16 लाख घर अधूरे) |
Official Links:
Share This Post