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Ankur Warikoo ने ₹100 करोड़ के कोर्सेज बिजनेस को किया बंद: जानें क्यों यह फैसला इतना बड़ा है
भारत के मशहूर entrepreneur और content creator Ankur Warikoo ने एक ऐसा ऐलान किया है जिसने इंटरनेट पर हड़कंप मचा दिया है. उन्होंने अपने ₹100 करोड़ के ऑनलाइन कोर्सेज बिजनेस को बंद करने का फैसला किया है. यह बिजनेस पिछले 5-6 सालों से चल रहा था और इसमें 5 लाख से अधिक स्टूडेंट्स ने एडमिशन लिया था. कंपनी ने ₹100 करोड़ से अधिक की सेल्स और ₹25 करोड़ का प्रॉफिट कमाया था. फिर भी Ankur ने कहा कि “इसे जारी रखने का कोई मतलब नहीं है.”
यह फैसला भारत के creator economy और edtech सेक्टर के लिए एक बड़ा झटका है. जहां कई कंपनियां घाटे में चल रही हैं, वहीं Ankur का बिजनेस पूरी तरह से profitable था. फिर भी उन्होंने इसे बंद करने का साहस दिखाया. इस लेख में हम जानेंगे कि आखिर उन्होंने ऐसा क्यों किया, लोग क्या कह रहे हैं, और इस फैसले का आगे क्या असर होगा.
| Parameter | Value |
|---|---|
| बिजनेस शुरू हुआ | 2020 |
| Total Duration | 5-6 वर्ष |
| Total Students | 5 लाख से अधिक |
| Total Sells | ₹100 करोड़+ |
| Total Profit | ₹25 करोड़ |
| Loss | शून्य (पूरी तरह profitable) |
| ऐलान की तिथि | 15 मई 2026 |
| लाइव सेशन की तिथि | 16 मई 2026, शाम 8:30 बजे |
| बंद करने का मुख्य कारण | AI का बड़ा प्रभाव |
Ankur ने खुद एक वीडियो में कहा: “5 साल, 5 लाख स्टूडेंट्स, ₹100 करोड़ की सेल्स, ₹25 करोड़ का प्रॉफिट. लेकिन इसे जारी रखना बिल्कुल नहीं समझ में आता.”
जब एक यूजर ने X पर पूछा कि क्या AI (Artificial Intelligence) इस फैसले के पीछे है, तो Ankur ने सीधे जवाब दिया: “huge” (बहुत बड़ा). इसका मतलब है कि AI ने online courses के business model को पूरी तरह से बदल दिया है.
पहले जिन चीजों के लिए लोग हजारों रुपये देते थे (जैसे excel tips, finance basics, public speaking), वह अब AI tools जैसे ChatGPT, Gemini, और अन्य से मुफ्त या बहुत कम कीमत पर मिल रही हैं. AI personalized content बना सकता है, real-time updates दे सकता है, और हर स्टूडेंट के लिए अलग learning path बना सकता है. पहले से रिकॉर्ड किए गए video courses अब obsolete होते जा रहे हैं.
पिछले कुछ वर्षों में online courses की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ गई है. हर कोई course बेच रहा है – finance से लेकर photography तक. नतीजा यह हुआ कि courses एक commodity (सामान्य वस्तु) बन गए हैं. लोग अब किसी एक कोर्स के लिए हजारों रुपये देने से पहले 10-20 बार सोचते हैं.
Ankur का बिजनेस profitable था, लेकिन शायद उन्हें लगा कि आगे growth बहुत slow होगी और margins पर दबाव बढ़ेगा. जब market saturated हो जाए, तो बाहर निकलना एक smart decision होता है.
कई लोगों का मानना है कि यह कोई shutdown नहीं, बल्कि एक marketing stunt है. उनका कहना है कि Ankur कुछ नया लॉन्च करने वाले हैं – शायद एक community platform, एक book, या कोई AI-based learning tool. उन्होंने 16 मई को live session रखा है, जिसमें वह “what happens next” बताएंगे. यह स्पष्ट संकेत है कि वह कुछ नया करने की तैयारी में हैं.
ऐसे में current business को बंद करना एक “strategic pivot” हो सकता है, न कि हार मानना.
Ankur Warikoo खुद एक बड़ा brand हैं. उनके YouTube पर 7 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर हैं, Instagram पर लगभग 4 मिलियन फॉलोअर्स हैं, और X पर 7 लाख फॉलोअर्स हैं. वह courses बेचने से ज्यादा एक mentor और influencer के रूप में जाने जाते हैं. उनकी books (जैसे “Do Epic Shit”) भी बेस्टसेलर रही हैं.
शायद वह अब अपना फोकस courses से हटाकर writing, speaking, consulting या किसी और high-impact format पर लगाना चाहते हैं. कभी-कभी एक successful business को छोड़ना ज्यादा बड़ी चीज के लिए जगह बनाता है.
सोशल मीडिया पर इस फैसले की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.
AI ने online education को तीन तरह से बदल दिया है:
| पहलू | पहले (Pre-AI) | अब (Post-AI) |
|---|---|---|
| Content creation | Expert को course record करने में महीनों लगते थे. | AI कुछ सेकंड में outline, script, और यहां तक कि video बना सकता है. |
| Personalization | सभी स्टूडेंट्स के लिए एक ही content. | AI हर स्टूडेंट की गति और समझ के अनुसार content adjust कर सकता है. |
| Updates | पुराने courses obsolete हो जाते थे. | AI real-time updates और latest information दे सकता है. |
| Cost | Courses महंगे (₹5,000 – ₹50,000). | AI tools मुफ्त या ₹500-1000 प्रति माह में उपलब्ध. |
अब कोई भी व्यक्ति ChatGPT से “एक्सेल में पिवट टेबल कैसे बनाएं” पूछ सकता है और 10 सेकंड में जवाब पा सकता है. पहले इसके लिए लोग ₹2,000 का course खरीदते थे. Ankur ने समय रहते इस disruption को पहचान लिया.
Ankur ने 16 मई 2026, शाम 8:30 बजे एक live session रखा है. इस session में वह तीन बातें बताएंगे:
लोगों की निगाहें इस session पर टिकी हैं. संभावना है कि वह कोई नया AI-based learning tool launch करें या अपनी books और public speaking पर फोकस करें.
Ankur Warikoo का यह फैसला पूरे creator economy के लिए एक wake-up call है.
हालांकि, कुछ लोग इसे एक positive sign भी मान रहे हैं. इससे creators को innovate करने और नए models (जैसे live communities, mentorship, AI tools) अपनाने का मौका मिलेगा.
| Ankur का बयान | लोगों की प्रतिक्रिया |
|---|---|
| “5 लाख students, 100 करोड़ sales, 25 करोड़ profit. But it makes no sense to continue.” | “बहुत बहादुरी का फैसला. लेकिन क्या यह marketing stunt है?” |
| “AI impact is huge.” | “अब कोई भी ChatGPT से सीख सकता है. courses का जमाना गया.” |
| “I will explain everything on May 16, 8:30 PM.” | “नया product लॉन्च होने वाला है. इंतजार करते हैं.” |
Ankur Warikoo का अपने ₹100 करोड़ के profitable courses business को बंद करने का फैसला साहसिक और दूरदर्शी दोनों है. उन्होंने समय रहते महसूस कर लिया कि AI और market saturation के कारण पुराना business model टिकाऊ नहीं रहेगा. यह एक ऐसा कदम है जिसे बहुत कम लोग उठा पाते हैं – एक successful और profitable venture को छोड़ना.
चाहे यह marketing stunt हो या वास्तविक shutdown, इसने एक महत्वपूर्ण बहस छेड़ दी है: क्या online courses का जमाना खत्म हो रहा है? क्या AI हर चीज को free और accessible बना देगा?
आने वाले दिनों में Ankur का 16 मई का live session और उनका अगला कदम यह तय करेगा कि यह एक अंत है या एक नई शुरुआत. लेकिन एक बात तय है – Ankur Warikoo ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह सिर्फ एक content creator नहीं, बल्कि एक visionary हैं.
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