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SBI Q4 Results 2026: रिकॉर्ड सालाना मुनाफा, फिर भी शेयर 7% गिरा
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने 8 मई 2026 को चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे घोषित किए. स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹19,684 करोड़ रहा – जो पिछले साल की समान तिमाही (₹18,643 करोड़) से 5.6% अधिक है. पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में बैंक ने ₹80,032 करोड़ का रिकॉर्ड शुद्ध लाभ कमाया, जो पिछले साल से 12.88% ज्यादा है. संख्या बड़ी है – लेकिन बाजार ने इसे ‘निराशाजनक’ करार दिया. क्यों?
क्योंकि विश्लेषकों ने ₹20,300 से ₹20,312 करोड़ के तिमाही मुनाफे का अनुमान लगाया था. SBI उससे लगभग ₹600-700 करोड़ पीछे रह गया. असली चोट नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) और मार्जिन पर लगी.
NII सिर्फ 4% बढ़कर ₹44,380 करोड़ पर आई – जबकि अनुमान 6-10% की ग्रोथ का था. परिणाम: शुक्रवार 8 मई को SBI का शेयर 7.4% तक लुढ़क गया. दिन भर में 5-7% की गिरावट दर्ज की गई. 1,010 रुपये के निचले स्तर को छूने के बाद यह 1,030-1,040 के आसपास बंद हुआ. यह पिछले 6 साल में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है.
तो क्या SBI कमजोर हो गया है? या बाजार ने जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया दी? आइए नंबरों और ट्विटर की चर्चा के बीच पूरी तस्वीर समझते हैं.
सालाना आधार पर NII तो बढ़ा, लेकिन उम्मीद से कम. बैंक का डोमेस्टिक नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) घटकर 2.93% पर आ गया – पिछले साल की समान तिमाही में यह 3.14% था. पूरे बैंक का NIM 2.81% रह गया. यानी जमा पर ब्याज लागत बढ़ी, जबकि कर्ज पर ब्याज दरें उतनी नहीं बढ़ पाईं. आरबीआई ने दरें नहीं घटाईं, लेकिन बैंकों के बीच जमा के लिए होड़ ने मार्जिन को निचोड़ दिया.
अब ऑपरेटिंग प्रॉफिट पर नजर डालें – यह सालाना आधार पर 11.45% घटकर ₹27,704 करोड़ रह गया. वजह? ट्रेजरी/MTM लॉस जिसका असर ₹4,520 करोड़ बताया गया. बॉन्ड यील्ड बढ़ने से बैंक के बॉन्ड होल्डिंग्स की कीमत घट गई – जिससे अन्य आय (other income) 29% गिरकर ₹17,314 करोड़ पर आ गई. पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹24,367 करोड़ थी.
बड़ा सवाल: क्या यह मार्जिन दबाव अस्थायी है? SBI के चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु सेट्टी ने मार्गदर्शन दिया है – FY27 में क्रेडिट ग्रोथ 13-15% रहेगी, और घरेलू NIM 3% से ऊपर बना रहेगा. लेकिन बाजार ‘वादे’ पर नहीं, ‘नतीजों’ पर चलता है.
बुरी खबरों के बीच एक चमकता हीरा है – ग्रॉस NPA घटकर 1.49% पर आ गया. पिछले साल 1.82% था. नेट NPA 0.39% पर – जो पिछले कई दशकों का निचला स्तर है. स्लिपेज बढ़कर ₹5,521 करोड़ (पिछली तिमाही में ₹4,458 करोड़) हुआ है, लेकिन प्रोविजन घटकर ₹2,872 करोड़ (पिछले साल ₹6,441 करोड़) हो गया. यानी बैंड बजने वाले लोन कम हो रहे हैं.
ट्विटर पर लोग यही कह रहे थे – “SBI की बैलेंस शीट सालों में सबसे साफ है.” एक यूजर ने लिखा, “जीएनपीए 1.49% – किसी PSU बैंक के लिए सपने जैसा.” दूसरे ने कहा, “अब तो प्राइवेट बैंक भी शरमा जाएँ.”
लेकिन नेट NPA बढ़ा? असल में एब्सोल्यूट नेट NPA बढ़कर ₹18,830 करोड़ (पिछली तिमाही ₹18,012) हो गया, लेकिन अनुपात 0.39% पर स्थिर रहा – क्योंकि एडवांस बढ़े हैं. कोई बड़ा खतरा नहीं.
बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹17.35 प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया है. रिकॉर्ड डेट 16 मई 2026 तय की गई है – जिसका मतलब 16 मई तक शेयर रखने वालों को डिविडेंड मिलेगा. पेआउट तिथि 4 जून 2026. इस खबर के बाद कुछ निवेशकों ने ट्वीट किया – “बेहतर डिविडेंड, मार्जिन की चिंता को थोड़ा कम करता है.” लेकिन गिरते शेयर के सामने डिविडेंड छोटा लग रहा था.
हमने ट्विटर (X) पर पोस्ट-रिजल्ट ट्रेंड स्कैन किया. नीचे तीन धड़ों में बंटी प्रतिक्रियाएं:
1. निराशा और गुस्सा (शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स)
2. कॉन्फिडेंट – लॉन्ग टर्म होल्डर्स
3. तटस्थ/विश्लेषणात्मक
सेंटीमेंट मिश्रित है. लेकिन एक बात साफ है – लंबी अवधि के निवेशक सहमत हैं कि एसेट क्वालिटी सबसे मजबूत है. ट्रेडर्स मार्जिन के पलटने का इंतजार कर रहे हैं.
Q4 के नतीजों के बाद तीनों PSU बैंकों के शेयरों में अलग-अलग हलचल देखी गई. विश्लेषकों की राय तो मिली-जुली है. नीचे त्वरित तुलना:
| मैट्रिक | SBI | PNB | Bank of Baroda |
|---|---|---|---|
| Q4 नेट प्रॉफिट (₹ करोड़) | 19,684 (5.6% YoY) | 5,225 (14.4% YoY) | 5,616 (11.2% YoY) |
| NII ग्रोथ (YoY) | 4.1% | -3.5% (गिरावट) | 8.7% |
| डोमेस्टिक NIM | 2.93% | 2.57% | 3.08% |
| ग्रॉस NPA | 1.49% | 2.95% | 1.89% |
| नेट NPA | 0.39% | 0.29% | 0.45% |
| CAPITAL ADEQUACY | 15.40% | 17.74% | ~16% (अनुमानित) |
विश्लेषक क्या कह रहे हैं?
सारांश: यदि आप स्थिरता चाहते हैं – SBI. यदि ग्रोथ चाहिए – BoB. यदि दांव लगाना है – PNB.
SBI सिर्फ अपनी अकेली कहानी नहीं है. पूरे बैंकिंग सेक्टर में NIM संकुचन देखा गया है. HDFC Bank, ICICI Bank के भी नतीजे बताते हैं कि जमा पर लागत बढ़ी है. RBI ने रेपो रेट 5.5% पर स्थिर रखा है, लेकिन बैंक एक-दूसरे से FD के लिए लड़ रहे हैं. SBI का CASA अनुपात घटकर 39.46% पर आ गया – पहले 41-42% के आसपास रहता था.
मगर सकारात्मक पहलू: SBI का कुल कारोबार ₹109 लाख करोड़ के पार पहुंच गया. एडवांस 16.87% बढ़े, डिपॉजिट 11.03% बढ़े. रिटेल लोन पोर्टफोलियो 17%, SME 21%, कॉर्पोरेट 14.8% बढ़ा. यह ग्रोथ कमजोर नहीं है. बस उम्मीदें अत्यधिक थीं.
तकनीकी और फंडामेंटल दोनों दृष्टिकोण से:
एनालिस्ट की राय (मिली-जुली):
एक जर्नलिस्ट का नोट: मीडिया रिपोर्ट और ट्विटर पर जो छप रहा है, उससे लगता है कि बाजार ने SBI को ‘बहुत अच्छा होने की आदत’ डाल ली है. जब Q4 ‘मात्र अच्छा’ रहा, तो सजा मिल गई. लेकिन फुल इयर मुनाफा ₹80,000 करोड़ पार करना – यह संख्या भारतीय बैंकिंग इतिहास में दर्ज है.
SBI Q4 के बाद शेयर क्यों गिर गया, जबकि मुनाफा बढ़ा है?
Answer: क्योंकि बाजार ‘अनुमान’ पर चलता है. विश्लेषकों को ₹20,300 करोड़ प्रॉफिट चाहिए था – SBI ने ₹19,684 करोड़ दिया. NII ग्रोथ भी अनुमान 6-10% के मुकाबले 4% रही. इसके अलावा मार्जिन में कमी (NIM घटकर 2.93%) और ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 11% की गिरावट ने नकारात्मक भावना बढ़ा दी. शेयर ने इसी का असर दिखाया.
क्या अब SBI खरीदना चाहिए या बेचना?
Answer: यह आपके निवेश समय पर निर्भर करता है. दीर्घकालिक निवेशक (3-5 साल) के लिए – एसेट क्वालिटी बहुत अच्छी है, डिविडेंड मिल रहा है, और मार्जिन दबाव अस्थायी माना जा रहा है. थोड़ा और गिरने पर ₹970-990 के सपोर्ट लेवल को खरीदारी क्षेत्र माना जा सकता है. अल्पकालिक ट्रेडर को तब तक इंतजार करना चाहिए जब तक NIM 3% से ऊपर न दिखने लगे.
SBI का डिविडेंड ₹17.35 कब और किसे मिलेगा?
Answer: रिकॉर्ड डेट 16 मई 2026 है – यानी 16 मई को यदि आपके पास SBI के शेयर हैं (या उससे पहले खरीदे हैं) तो आप डिविडेंड के पात्र हैं. पेआउट तिथि 4 जून 2026 है. डिविडेंड LTDC के माध्यम से बैंक खाते में आएगा.
क्या SBI ने मार्जिन सुधार के लिए कोई गाइडेंस दिया है?
Answer: हाँ. चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु सेट्टी ने कहा कि निकट भविष्य में क्रेडिट ग्रोथ 13-15% रहेगी और घरेलू नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 3% से ऊपर बनाए रखा जाएगा. साथ ही कॉर्पोरेट पाइपलाइन मजबूत है. हालांकि, बाजार ने इस गाइडेंस पर तत्काल विश्वास नहीं किया – क्योंकि मार्जिन की रिकवरी के लिए जमा लागत का कम होना जरूरी है.
अन्य PSU बैंकों के मुकाबले SBI कहाँ खड़ा है – निवेश के लिहाज से किसे चुनें?
Answer: विश्लेषकों के अनुसार – SBI ‘डिफेंसिव’ है. सबसे बड़ी बैलेंस शीट, सबसे साफ एसेट क्वालिटी (1.49% GNPA), और सबसे अधिक शाखाओं वाला नेटवर्क. Bank of Baroda ‘ग्रोथ’ दिखा रहा है (11% प्रॉफिट ग्रोथ, 8.7% NII ग्रोथ, 3.08% NIM). PNB ‘टर्नअराउंड’ है – जोखिम अधिक, मुनाफा ग्रोथ सबसे ज्यादा. जो निवेशक SBI में स्थिरता पसंद करते हैं, वे BoB पर भी विचार कर सकते हैं.
| मुख्य जानकारी | विवरण |
|---|---|
| Q4 शुद्ध लाभ (YoY) | ₹19,684 करोड़, 5.6% वृद्धि (अनुमान ₹20,312 करोड़ से कम) |
| पूरे वर्ष का लाभ (FY26) | ₹80,032 करोड़ (रिकॉर्ड), 12.88% YoY वृद्धि |
| NII (Q4) | ₹44,380 करोड़, 4% YoY वृद्धि (उम्मीद से कम) |
| डोमेस्टिक NIM | 2.93% (पिछले साल 3.14%, पिछली तिमाही 3.11%) |
| ग्रॉस NPA | 1.49% (बहु-वर्षीय निचला स्तर) |
| नेट NPA | 0.39% |
| ऑपरेटिंग प्रॉफिट (Q4) | ₹27,704 करोड़, 11.45% गिरावट YoY (ट्रेजरी लॉस के कारण) |
| डिविडेंड प्रति शेयर | ₹17.35 (रिकॉर्ड डेट 16 मई 2026) |
| शेयर प्राइस रिएक्शन | 8 मई 2026 को 7.4% तक गिरावट, 5-7% बंद हुआ |
| आने वाले साल का गाइडेंस | क्रेडिट ग्रोथ 13-15%, डोमेस्टिक NIM 3% से ऊपर |
| निवेशक सेंटीमेंट | मिश्रित – लंबी अवधि में कॉन्फिडेंट, शॉर्ट टर्म में सतर्क |
बाजार ने SBI को अच्छे नतीजे के लिए भी दंडित किया – सिर्फ इसलिए कि वे ‘बहुत अच्छे’ नहीं थे. 80,000 करोड़ का वार्षिक मुनाफा और 1.49% का GNPA – ये संख्याएं दशकों में सबसे स्वस्थ हैं. लेकिन निवेशक शॉर्ट टर्म मार्जिन और ऑपरेटिंग लीवरेज पर केंद्रित हैं.
अगली तिमाही में (Q1 FY27) अगर NIM 3% के ऊपर लौटता है, तो यही शेयर ₹1,100-1,200 के स्तर तक उछल सकता है. तब तक ट्रेडर्स के लिए सतर्कता, लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स के लिए ‘बाय ऑन डिप्स’ की रणनीति काम करेगी.
बैंकिंग सेक्टर के लिए यह सीख है – जमा लागत पर नियंत्रण के बिना मुनाफा बढ़ना मुश्किल है. SBI के पास मजबूत ब्रांड और सबसे साफ बुक है – अब जरूरत है मार्जिन को स्थिर करने की. जैसा कि एक ट्वीट में कुछ ने कहा – “SBI को बेचने से पहले सोचो, क्योंकि विपरीत परिस्थितियों में यही सबसे आखिरी खड़ा रहता है.”
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