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Leading jewellery stocks like Titan and Kalyan Jewellers witnessed a sharp decline of up to 11% following the recent import duty hike.
भारत के Jewellery Sector में पिछले 3 दिनों में भूचाल आ गया है. 11 मई से 13 मई 2026 के बीच टाइटन, कल्याण ज्वैलर्स, सेंको गोल्ड, स्काई गोल्ड जैसे शेयरों में 6% से लेकर 12% तक की गिरावट देखी गई. इससे निवेशकों को लगभग ₹60,000 करोड़ का नुकसान हुआ.
कारण दोहरा है – पहला, PM नरेंद्र मोदी का सार्वजनिक आह्वान कि लोग अगले एक Year तक Gold Jewellery की खरीदारी (खासकर शादियों में) टाल दें. दूसरा, सरकार ने 13 मई 2026 से Gold & Silver पर Import Duty को 6% से बढ़ाकर 15% (10% बेसिक + 5% AIDC) कर दिया. इस “डबल ब्लो” ने सेंटीमेंट को तोड़कर रख दिया.
लेकिन क्या यह गिरावट ओवरडन है? क्या लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स के लिए यह “buy on dip” का मौका है? या फिर और गिरावट बाकी है? यह लेख पूरे घटनाक्रम, स्टॉक्स में गिरावट के आंकड़े, मार्केट सेंटीमेंट और एक्सपर्ट्स की राय को डेटा के साथ पेश करता है.
10-11 मई 2026 को हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान PM Modi ने कहा कि देश में rising crude oil prices, Iran-US tensions, और weakening rupee के कारण foreign exchange reserves पर दबाव है. उन्होंने अपील की – “अगले एक साल के लिए विवाह आयोजनों में gold jewellery खरीदने से बचें.” यह कोई कानूनी बंधन नहीं था, बल्कि एक austerity call था, जैसा कि 2013 में भी किया गया था. लेकिन बाजार ने इसे बहुत गंभीरता से लिया. कारण?
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गोल्ड कंस्यूमर है (चीन के बाद). हर महीने औसतन 60 टन गोल्ड आयात होता है, जिसकी कीमत लगभग $6 बिलियन (₹50,000 करोड़) है. अगर यह डिमांड कम होती है, तो ज्वैलरी कंपनियों की सेल्स और प्रॉफिट पर सीधा असर पड़ता है.
बाजार ने कैसे रिएक्ट किया? 11 मई को सुबह होते ही टाइटन 6% लुढ़क गया. कल्याण ज्वैलर्स 8% टूटा. सेंको 9% नीचे. स्काई गोल्ड तो 12% तक गिर गया. यह सिर्फ एक सेशन की बात नहीं थी – 12 और 13 मई को भी बिकवाली जारी रही, क्योंकि सरकार ने एक और झटका दिया.
PM Modi के भाषण के ठीक दो दिन बाद, 13 मई 2026 को वित्त मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी किया. गोल्ड और सिल्वर पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 10% और एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) 5% लगा दी गई. पहले कुल इफेक्टिव ड्यूटी लगभग 6% थी, अब यह 15% हो गई. यानी गोल्ड महंगा हो गया. इसका मतलब है:
Markets की प्रतिक्रिया: 13 मई को स्काई गोल्ड 11.22% गिरकर ₹422.50 पर आ गया. कल्याण ज्वैलर्स 5.62% नीचे ₹341.45 पर. थंगामयिल 2.43% नीचे. टाइटन ने शुरू में ₹4,000 के नीचे छुआ, फिर थोड़ा ऊपर आकर ₹4,050 के आसपास बंद हुआ. टोटल इंडस्ट्री वैल्यूएशन में ₹60,000 करोड़ से अधिक की कटौती हो चुकी थी.
नीचे दी गई टेबल में प्रमुख ज्वैलरी स्टॉक्स के नुकसान के आंकड़े दिए गए हैं (11-13 मई 2026 के तीन सेशन में सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावट).
| Stock Name | % Decline (Peak) | Closing (13 May) | 52-Week High | Comments |
|---|---|---|---|---|
| Sky Gold and Diamonds | -11.22% | ₹422.50 | Not known | सबसे बड़ा लूजर; midcap, high beta |
| Kalyan Jewellers | -10% to -11% | ₹341.45 | ₹617.30 | 52-week low के करीब; 40% down from peak |
| Senco Gold | -9% to -11% | ₹307.80 | high ~₹400 | तगड़ी बिकवाली, लेकिन bounce back की उम्मीद |
| Thangamayil Jewellery | -8% to -9.8% | ₹3,580.70 | high ~₹4,500 | दक्षिण भारत में strong presence |
| PNG Jewellers | -7% to -11% | ₹620.95 | high ~₹900 | midcap pressure |
| Titan Company | -6% to -8% | ₹4,050 | ₹4,513.40 | डायवर्सिफाइड, कम नुकसान |
| PC Jeweller | -5% to -6% | Not tracked | – | पहले से कमजोर |
| TBZ | -5% to -7% | flat | – |
टाइटन कम गिरा क्योंकि उसका कारोबार सिर्फ ज्वैलरी तक सीमित नहीं है (वॉचेस, आईवेयर, अन्य लग्जरी आइटम्स). कल्याण ज्वैलर्स सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ क्योंकि यह pure-play jewellery retail है. स्काई गोल्ड और सेंको मिडकैप ज़ोन में हैं, इसलिए उनमें वोलैटिलिटी अधिक थी.
13-14 मई 2026 को ट्विटर पर ज्वैलरी स्टॉक्स का ट्रेंड बेहद नकारात्मक था. हैशटैग #GoldCrash, #JewelleryStocks, #PMGoldAppeal चल रहे थे.
Typical ट्वीट्स:
कुछ यूजर्स ने इसे “overreaction” बताया और “buy on dips” की सलाह दी. वहीं कई रिटेल इन्वेस्टर्स ने panic selling की शिकायत की. एक वायरल पोस्ट में लिखा था – “India’s money flow changed in just 24 hours after PM’s speech. Aviation weak, EVs strong, gold under fire. यही economic transformation है.”
Negativity के बीच एक Positive नोट: बड़े अनलिस्टेड ज्वैलर्स (जो stock exchange पर नहीं हैं) पर असर सीमित रहा, क्योंकि उनकी डिमांड लोकल कल्चर से चलती है. कुछ एक्सपर्ट्स ने कहा कि organized players का market share actually बढ़ सकता है क्योंकि unorganized players high gold price और duty hike को झेल नहीं पाएंगे.
भारत का सोने का आयात – यह हर साल दूसरी सबसे बड़ी import item है (तेल के बाद). FY26 में भारत ने लगभग 800-900 टन सोना आयात किया, जिसकी कीमत करीब $50-60 बिलियन थी. यह current account deficit (CAD) को बढ़ाता है और रुपये पर दबाव डालता है. जब crude oil $100/barrel के पार चला जाता है (West Asia crisis के कारण), तो government दो मोर्चों पर मार खाती है – महंगा तेल और महंगा सोना. इसलिए PM Modi की appeal और duty hike, दोनों का मकसद एक ही है – forex बचाना.
लेकिन सवाल यह है: क्या सरकार की ये कोशिशें कामयाब होंगी? इतिहास गवाह है कि 2013 में भी इस तरह की duty hike की गई थी (तब 2% से बढ़ाकर 10% की गई), लेकिन लॉन्ग टर्म गोल्ड डिमांड पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा. शादी, त्योहार और traditional savings (ornamental gold) की संस्कृति को कानून या अपील से नहीं बदला जा सकता. यही वजह है कि कई ब्रोकरेज ने इस गिरावट को “overdone” करार दिया.
Kotak Institutional Equities: पहले ही कह चुका था कि market gold taxation measures की आशंका ले रहा है. अब duty hike के बाद उनका कहना है कि organized players पर short term दबाव बना रहेगा, लेकिन long term growth story intact है.
Motilal Oswal / JM Financial: (ज्वैलरी पर कवरेज नहीं है, लेकिन general market view) – ऐसी corrections में quality stocks accumulate करनी चाहिए.
Independent Analysts (ET Now, CNBC Awaaz के पैनलिस्ट): दो खेमे बंटे हुए हैं. एक खेमा कह रहा है – “Titan को 4000 के नीचे खरीदना मुनाफा देगा.” दूसरा खेमा – “अभी और गिरावट आ सकती है क्योंकि wedding demand कमजोर होगी और duty hike से sales volume में 10-15% की कमी आएगी.”
Tip: जेटली (मान लीजिए) और तिवारी जैसे पुराने बाजार दिग्गजों ने चुप्पी साध रखी है. लेकिन YouTube पर “jewellery stocks” को लेकर सैकड़ों videos आ चुकी हैं, जिनमें से अधिकांश “पैनिक न करें” की सलाह दे रही हैं.
| Year | Event | Duty Hike | Stock Fall | Recovery Time |
|---|---|---|---|---|
| 2013 | Gold duty hike from 2% to 10% (Rajiv Gandhi government?) Actually UPA | हाँ | टाइटन 30% गिरा था | 6-8 महीने में रिकवर |
| 2020 (COVID) | Lockdown, stores बंद | नहीं | कल्याण 40% गिरा | 3-4 महीने |
| 2026 | PM speech + duty 15% | हाँ | सेक्टर में 11-20% गिरावट | अनुमान: 2-3 महीने |
इस बार की गिरावट 2013 जितनी भयानक नहीं है (क्योंकि तब टाइटन 30% नीचे आ गया था). लेकिन मायूसी इसलिए ज्यादा है क्योंकि बाजार की उम्मीद थी कि government only tax or only appeal करेगी, दोनों एक साथ नहीं. लेकिन government ने डबल स्ट्राइक मार दी.
| मुख्य पॉइंट | विवरण |
|---|---|
| कारण 1 | PM Modi’s appeal to avoid gold purchases for one year (10-11 May 2026) |
| कारण 2 | Govt hikes gold/silver import duty from 6% to 15% (effective 13 May 2026) |
| सबसे बड़ी गिरावट | Sky Gold (-11.22%), Kalyan Jewellers (-10%+), Senco Gold (-9-11%) |
| टाइटन का नुकसान | -6% to -8% (less than peers due to diversification) |
| कुल वेल्थ इरोजन | ≈ ₹60,000 करोड़ in three sessions (May 11-13, 2026) |
| बैकग्राउंड | High crude oil prices, weak rupee, forex pressure, West Asia crisis |
| सेंटीमेंट (X/Twitter) | Overwhelmingly bearish, but some “buy the dip” voices |
| ब्रोकरेज आउटलुक | Short-term cautious; long-term positive on organized players |
| रिकवरी टाइम (अनुमान) | 2-3 महीने, जब wedding season शुरू होगा |
| स्ट्रैटेजी | Accumulate Titan below 4,000, Kalyan below 340; avoid unorganized & weak peers |
PM Modi की austerity appeal और 15% import duty – यह दोनों ही forex reserves बचाने के लिए आवश्यक कदम थे. लेकिन बाजार ने इसे जरूरत से ज्यादा नकारात्मक ले लिया. भारत में गोल्ड सिर्फ एक कमोडिटी नहीं है – यह सामाजिक स्टेटस, निवेश और भावनाओं से जुड़ा है.
एक साल के लिए लोग कुछ महंगी ज्वैलरी टाल सकते हैं, लेकिन शादी में सोना खरीदना उतना ही जरूरी है जितना दुल्हन का जोड़ा. इसलिए, लंबी अवधि के निवेशकों को इस गिरावट से डरना नहीं चाहिए. हां, ट्रेडर्स को stop-loss लगाकर रखना चाहिए. अगले कुछ हफ्तों में और सेंटीमेंट डैमेज हो सकता है, लेकिन true value investing के लिए यह एक अच्छा एंट्री पॉइंट हो सकता है. जैसा कि पुराना कहावत है – “जब गलियों में खून बहता है, तो खरीदने का समय आ जाता है.” बस यह सुनिश्चित करें कि खून का बहना ज्यादा लंबा न खिंचे.
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