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Why Government Stocks Are Falling In India: PSU Bank, डिफेंस सब गिरे – Crude Oil, Bond Yeild, FII की बिकवाली क्यों बनी सरकारी स्टॉक्स की एड़ी

Updated: 5,16,2026

By Akash Maurya

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2026 का साल Indian Share Market लिए अब तक उथल-पुथल भरा रहा है। जनवरी-फरवरी के बाद मार्च से मई 2026 तक सेंसेक्स और निफ्टी में 10-12% की गिरावट आ चुकी है। लेकिन इस गिरावट का सबसे तीव्र असर सरकारी कंपनियों (Public Sector Undertakings) पर पड़ा है। पीएसयू बैंकिंग, तेल और गैस (OMC), रक्षा, रेलवे, बिजली उत्पादन और शिपबिल्डिंग – हर सेक्टर के सरकारी शेयरों में 3% से 20% तक की गिरावट दर्ज की गई है.

निवेशकों के मन में एक ही सवाल है: आखिर क्यों गिर रहे हैं सरकारी शेयर? क्या यह अस्थायी सुधार है, या संरचनात्मक गिरावट? इस लेख में हम छह प्रमुख कारणों का विश्लेषण करेंगे – कच्चा तेल, बॉन्ड यील्ड, एफआईआई निकासी, मुनाफावसूली, ऑर्डर निष्पादन और वैश्विक बाजारों से नकारात्मक अंतर – और हर कारण से प्रभावित विशिष्ट स्टॉक्स का उल्लेख करेंगे.

Key Takeaways on Why Government Stocks Are Falling

Reason 1: Rising Crude Oil Prices और OMCs पर संकट

भारत अपनी क्रूड ऑयल आवश्यकता का 85% से अधिक आयात करता है। फरवरी 2026 के अंत में अमेरिका-ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत $70-80 प्रति बैरल से बढ़कर मार्च-अप्रैल 2026 में $105-125 प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई। सरकार ने पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की, जिससे ओएमसी को प्रति लीटर भारी अंडर-रिकवरी (under-recovery) उठानी पड़ी। अनुमान है कि IOC, BPCL, HPCL के तिमाही मुनाफे में 56% तक की गिरावट आ सकती है.

इस सेक्टर में गिरने वाले प्रमुख स्टॉक्स और कारण:

Reason 2: Bond Yield Surge और PSU Banks का Treasury Loss

बैंकों को SLR के तहत सरकारी बॉन्ड में निवेश करना अनिवार्य है। जब बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, तो बॉन्ड की कीमतें गिर जाती हैं, और बैंकों को मार्क-टू-मार्केट (MTM) नुकसान उठाना पड़ता है। मार्च 2026 में भारत की 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड बढ़कर 6.93% पर पहुंच गई – जो जुलाई 2024 के बाद सबसे अधिक है।

केंद्र सरकार का FY27 के लिए ₹17.2 लाख करोड़ का रिकॉर्ड उधार भी बॉन्ड सप्लाई बढ़ाकर यील्ड पर दबाव बनाता है। पीएसयू बैंक, जिनके पास निजी बैंकों की तुलना में अधिक बॉन्ड होल्डिंग्स हैं, सबसे अधिक प्रभावित हुए.

इस सेक्टर में गिरने वाले प्रमुख स्टॉक्स और कारण:

Reason 3: FII Selling – विदेशी निवेशकों की रिकॉर्ड वापसी

कैलेंडर वर्ष 2026 में एफआईआई ने अब तक ₹2.62 लाख करोड़ से अधिक की शुद्ध बिकवाली की है। मई 2026 के पहले सात सत्रों में ही उन्होंने ₹21,469 करोड़ के शेयर बेचे। इसके तीन प्रमुख कारण हैं: (i) मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण वैश्विक जोखिम से बचाव, (ii) रुपये में 10% से अधिक की गिरावट (₹95.63 प्रति डॉलर), और (iii) STT में बढ़ोतरी और डेरिवेटिव ट्रेडिंग को सख्त बनाने से नियामक अनिश्चितता। एफआईआई ने सबसे अधिक तरल पीएसयू स्टॉक्स – एसबीआई, आईओसी, बीपीसीएल, एचएएल, बीईएल – से पैसा निकाला है। इस बिकवाली का असर पीएसयू बैंक इंडेक्स और ओएमसी इंडेक्स पर स्पष्ट दिखा है.

Reason 4: Defence Stocks Valuation Correction और Profit Booking

पिछले 2-3 वर्षों में रक्षा पीएसयू स्टॉक्स ने शानदार प्रदर्शन किया था – एचएएल 2024 में ₹1,200 से बढ़कर 2025 के अंत में ₹4,000 के पार चला गया, बीईएल ₹250 से ₹450 तक पहुंच गया था। फरवरी 2026 के बजट में रक्षा के लिए पूंजीगत व्यय में 18% की वृद्धि की घोषणा की गई, लेकिन कोई बड़ा नया ऑर्डर (जैसे तेजस Mk2 बल्क ऑर्डर) घोषित नहीं किया गया। इससे निवेशकों ने अत्यधिक ऊंचे मूल्यांकन (PE 40-50x) पर मुनाफावसूली शुरू कर दी.

इस सेक्टर में गिरने वाले प्रमुख स्टॉक्स और कारण:

Reason 5: Railway, Infrastructure & Power PSUs – Slow Order Execution और Profit Booking

सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे और पावर सेगमेंट की कंपनियों को पिछले 2-3 वर्षों में भारी ऑर्डर मिले थे। लेकिन 2026 में ऑर्डर निष्पादन की गति धीमी हो गई है, क्योंकि राज्य सरकारों की वित्तीय स्थिति कमजोर हुई है और निजी निवेश सुस्त है। इसके अलावा, इन स्टॉक्स में भी पिछले साल भारी तेजी आई थी, जिससे मुनाफावसूली हुई.

इस सेक्टर में गिरने वाले प्रमुख स्टॉक्स और कारण:

Reason 6: India Missing the Global AI & Semiconductor Boom

जहां अमेरिका, ताइवान, दक्षिण कोरिया और जापान के बाजार एआई और सेमीकंडक्टर की बढ़त से नए कीर्तिमान बना रहे हैं, वहीं भारत इस तेजी से पूरी तरह से अलग है। कोस्पी (Kospi) ने पिछले एक वर्ष में 193% की बढ़त दी है, ताइवान वेटेड (Taiwan Weighted) 100%, जापान का निक्केई (Nikkei) 66.5%, और अमेरिका का नैस्डैक (Nasdaq) 40% चढ़ा है।

इसके विपरीत, भारत का निफ्टी 50 6-10% गिरा है। भारत में अभी तक कोई बड़ी सूचीबद्ध एआई कंपनी, सेमीकंडक्टर फैब या ग्लोबल टेक जायंट नहीं है। इसलिए विदेशी निवेशकों ने एआई थीम से दूर भारत से पैसा निकालकर इन बूमिंग बाजारों की ओर रुख किया है। इसका अप्रत्यक्ष असर सभी पीएसयू स्टॉक्स पर पड़ा है, क्योंकि एफआईआई आउटफ्लो ने घरेलू बाजार की तरलता को प्रभावित किया है.

क्या यह गिरावट निवेश का अवसर है?

विश्लेषकों की राय दो ध्रुवों में बंटी है। एक तरफ, पीएसयू बैंकों का मूल्यांकन (प्राइस-टू-बुक) अब 0.8-1.0x पर आ गया है, जो ऐतिहासिक औसत से नीचे है। ओएमसी में यदि कच्चा तेल गिरता है या सरकार कीमतें बढ़ाती है, तो तेजी से वापसी हो सकती है.

रक्षा स्टॉक्स में अभी भी मजबूत ऑर्डर बुक मौजूद है। दूसरी तरफ, अल्पावधि में कच्चे तेल की कीमतें, बॉन्ड यील्ड और एफआईआई रुख पर निगरानी रखनी होगी। इसलिए दीर्घकालिक निवेशक सोच-समझकर चरणबद्ध तरीके से प्रवेश कर सकते हैं, लेकिन तत्काल उछाल की उम्मीद न करें.

Sector-wise Summary of Falling Government Stocks and Core Reasons

SectorKey Falling StocksPrimary Reasons
Oil & Gas (OMC)IOC, BPCL, HPCL, MRPL, Gujarat Gas, GAILCrude oil $100+; under-recovery; no fuel price hike
PSU BanksSBI, Union Bank, Canara Bank, PNB, Bank of MaharashtraBond yield surge to 6.93%; MTM treasury losses; FII selling
DefenceHAL, BEL, BDLHigh valuations (PE 40-50x); budget disappointment; profit booking
Railway & InfrastructureRVNL, IRFC, Ircon, NBCC, Engineers IndiaSlow order execution; reduced capex growth; margin pressure
Power & ShipbuildingNLC India, NHPC, Cochin Shipyard, Mazagon DockHigh production costs; project delays; global trade slowdown

Key Macro Indicators Driving the PSU Fall (May 2026)

IndicatorCurrent LevelImpact on PSUs
Brent Crude Oil$105-125 per barrelOMC losses; higher CAD; inflation
10-Year Bond Yield6.93% (peak)Bank treasury losses; higher borrowing cost
Rupee vs USD₹95.63 (record low)FII outflows; import bill increase
FII net selling (2026)₹2.62 lakh crore+Liquidity drain; price pressure across PSUs
Nifty 50 P/E~20-21 (contracted)Valuation compression in PSUs
India vs Global (1-yr return)Nifty -6% vs Kospi +193%Shift of global funds to AI/semiconductor economies

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About Author

Akash Maurya

Akash Maurya is the founder and author of Government CSC. He holds a B.Tech degree in Civil Engineering and has a strong interest in helping aspirants stay informed about government job opportunities. With a clear understanding of the challenges faced by job seekers, he focuses on providing accurate and well-structured information related to recruitment updates, eligibility, and application processes.

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