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Maharashtra Budget 2026: The Ahilyabai Holkar Yojana offers ₹2 lakh loan waiver for farmers and up to ₹25 lakh financial support for women entrepreneurs.
महाराष्ट्र सरकार ने पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर की 300वीं जयंती वर्ष पर उनकी विरासत को आगे बढ़ाते हुए कई कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की है. इनमें दो प्रमुख योजनाएँ खास तौर पर चर्चा में हैं – किसानों के लिए ₹2 लाख तक के फसली कर्ज की माफी, और महिला उद्यमियों के लिए ₹25 लाख तक की वित्तीय सहायता.
Financial Year 2026-27 के बजट में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमाफी योजना (Punyashlok Ahilyadevi Holkar Shetkari Karjmafi Yojana) की घोषणा की, जिससे अनुमानित ₹35,000 करोड़ के खर्च से राज्य के लगभग 50 लाख किसान लाभान्वित होंगे.
वहीं, महाराष्ट्र स्टेट इनोवेशन सोसायटी (MSINS) के तहत पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर महिला स्टार्टअप योजना (Punyashlok Ahilyadevi Holkar Women Startup Scheme) चल रही है, जिसमें पात्र महिला उद्यमियों को ₹1 लाख से ₹25 लाख तक का ग्रांट दिया जाता है. इस आर्टिकल में हम दोनों योजनाओं के साथ-साथ आवास, शिक्षा और पर्यटन से जुड़ी अन्य योजनाओं की पूरी जानकारी देंगे.
Key Details of the Scheme
महाराष्ट्र सरकार के 2026-27 के बजट में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसानों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की. इस योजना के तहत, 30 सितंबर 2025 तक बकाया फसली कर्ज ₹2 लाख तक माफ किया जाएगा. सरकार को उम्मीद है कि इससे लगभग 50 लाख किसानों को लाभ मिलेगा और राज्य के खजाने पर लगभग ₹35,000 करोड़ का अतिरिक्त बोझ आएगा. यह योजना किसानों के कर्ज के बोझ को कम करने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है.
कर्ज माफी के अलावा, सरकार ने 7.5 हॉर्सपावर तक के कृषि पंपों के बिजली बिल भी माफ कर दिए हैं, जिससे किसानों की सिंचाई लागत कम होगी. इसके लिए ₹20,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है. नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाले किसानों को प्रोत्साहन के तौर पर ₹50,000 का अतिरिक्त लाभ भी दिया जाएगा. फडणवीस ने स्पष्ट किया कि इस योजना के लिए कोई भूमि धारण सीमा नहीं होगी, और लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुँचाने का प्रयास किया जाएगा.
कर्जमाफी योजना का क्रियान्वयन डिजिटल आर्किटेक्चर के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें एग्रीस्टैक, आधार नंबर और लिंक्ड बैंक खातों का उपयोग करके पात्र किसानों की पहचान की जाएगी.
Eligibility and Benefits (पात्रता और लाभ)
Application Process (आवेदन प्रक्रिया)
योजना का क्रियान्वयन सीधे बैंकों और डिजिटल डेटा के माध्यम से किया जा रहा है. पात्रता का निर्धारण एग्रीस्टैक, आधार और बैंक खातों के लिंक के आधार पर किया जाएगा. राज्य सरकार इस योजना के लिए अलग से अर्जी माँगने की बजाय स्वतः पात्रता निर्धारण की प्रक्रिया अपनाएगी.
Key Features (मुख्य विशेषताएँ)
यह योजना महाराष्ट्र सरकार के कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार विभाग के तहत संचालित है, जिसकी नोडल एजेंसी महाराष्ट्र स्टेट इनोवेशन सोसायटी (MSINS) है. योजना का उद्देश्य महिलाओं के नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना और उन्हें प्रोटोटाइप, MVP या ग्रोथ स्टेज पर ग्रांट के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान करना है.
Eligibility (पात्रता)
Benefits (लाभ)
Application Process (आवेदन प्रक्रिया)
इच्छुक महिला उद्यमी MSINS की आधिकारिक वेबसाइट (msins.in) पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं. आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों में पिच डेक (बिजनेस प्रेजेंटेशन), DPIIT सर्टिफिकेट, MCA पंजीकरण, शेयरहोल्डिंग पैटर्न, और वार्षिक राजस्व का विवरण शामिल है. आवेदन जमा करने के बाद, विभाग द्वारा आवेदनों की स्क्रूटनी की जाती है और शॉर्टलिस्टेड स्टार्टअप्स को एसेसमेंट के लिए बुलाया जाता है. चयनित स्टार्टअप्स को सीधे उनके बैंक खाते में अनुदान राशि हस्तांतरित कर दी जाती है.
यह योजना राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में भटक्या विमुक्त जाती C (NT-C) परिवारों के लिए शुरू की गई है. इस योजना के तहत लाभार्थियों को कम से कम 269 वर्ग फुट कारपेट एरिया का मकान बनाने के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है. सामान्य क्षेत्रों में प्रति लाभार्थी ₹1.20 लाख और नक्सल प्रभावित/पहाड़ी क्षेत्रों में ₹1.30 लाख की सहायता राशि दी जाती है. इसके अलावा, लाभार्थियों को MGNREGA के तहत 90/95 अकुशल मानव-दिवस की मजदूरी भी प्रदान की जाती है. शौचालय निर्माण के लिए स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ₹12,000 की सब्सिडी भी उपलब्ध है. लाभार्थियों का चयन ग्राम सभा द्वारा अनुशंसित लाभार्थियों की सूची से जिला स्तरीय समिति द्वारा किया जाता है.
महाराष्ट्र सरकार ने ढांगर समुदाय के पोस्ट-मैट्रिक छात्रों के लिए नवी मुंबई, पुणे, नाशिक और नागपुर में अहिल्याबाई होलकर हॉस्टल योजना के तहत हॉस्टल बनाने की घोषणा की है. प्रत्येक हॉस्टल में 100 छात्रों और 100 छात्राओं समेत कुल 200 छात्रों के रहने की व्यवस्था होगी. इस योजना के लिए ₹288.92 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है. इसके अलावा, यशवंत छात्र योजना के तहत प्रतिवर्ष ढांगर समुदाय के 10,000 छात्रों को प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाएगी.
महाराष्ट्र सरकार अहिल्याबाई होलकर की जन्मस्थली चोंडी गाँव को एक प्रमुख विरासत एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रही है. इस परियोजना के लिए ₹681 करोड़ का प्रावधान किया गया है. इस परियोजना के अंतर्गत एक भव्य प्रतिमा का निर्माण, भूदृश्य उद्यान, नदी किनारे का विकास, एक आधुनिक संग्रहालय, एक ओपन-एयर थिएटर और एक पर्यटक सुविधा केंद्र का निर्माण किया जाएगा.
इसके अलावा, अहिल्यानगर (पूर्व में अहमदनगर) में अहिल्याबाई होलकर के नाम पर 430 बिस्तरों वाला एक सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भी बनाया जाएगा, जिसके लिए ₹486.08 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है.
राज्य सरकार ने अहिल्याबाई होलकर की जयंती वर्ष पर महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, शिक्षा और धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार के लिए कई अन्य योजनाओं की भी घोषणा की है:
| Scheme Name (योजना का नाम) | Key Benefit (मुख्य लाभ) | Eligibility (पात्रता) |
|---|---|---|
| Punyashlok Ahilyadevi Holkar Shetkari Karjmafi Yojana | ₹2 लाख तक कर्ज माफी; ₹50,000 प्रोत्साहन | Maharashtra के किसान (cut-off: 30 Sep 2025) |
| Punyashlok Ahilya Devi Holkar Mahila Startup Yojana | ₹25 लाख तक ग्रांट | Women-led, DPIIT-recognized startups in Maharashtra |
| Ahilyabai Holkar Awas Yojana (Rural) | ₹1.20-1.30 लाख आवास सहायता | NT-C families in rural areas |
| Ahilyabai Holkar Hostel Scheme | Hostel facility for 200 students | Dhangar community post-matric students |
| Chondi Memorial Development | Tourism & infrastructure development | – |
| Medical College, Ahilyanagar | 430-bed hospital + medical college | – |
| Adi Shakti Campaign | Women empowerment initiatives | – |
Application Links (आवेदन के लिंक):
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